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अल्मोड़ा की बिटिया ने ऊँचा किया प्रदेश का नाम , तीलू रौतेली पुरस्कार के बाद भारतीय सेना में प्राप्त किया ये पद भी

उत्तराखण्ड राज्य की होनहार बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। अगर बात सेना में उच्च पदों पर आने की हो क्षेत्रों तो देवभूमि की बेटियां अब इस दिशा में बढ़ चढ़ कर अपने कदम बढ़ाने लगी है।

आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको राज्य की एक और ऐसी ही होनहार बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं जो भारतीय सेना में अफसर के पद पर नियुक्त  हुई हैं । मूल रूप से राज्य के अल्मोड़ा जिले की रहने वाली प्रांजल कर्नाटक भारतीय थल सेना में अफसर बन गई है

थल सेना में बनी अफसर

प्रांजल कर्नाटक की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं समूचे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है। आपको बताते चले  मूल रूप से राज्य के अल्मोड़ा जिले के प्रांजल कर्नाटक खोला निवासी प्रांजल कर्नाटक भारतीय थल सेना में अफसर बन गई है।

प्रांजल की प्रारम्भिक शिक्षा आर्यन पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा, माध्यमिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय एवं  बीयरशिवा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से  हुई है।  प्रांजल एक बेहतरीन ताइक्वांडो खिलाड़ी भी हैं।

तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित

प्रांजल को वर्ष 2012 में तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। प्रांजल कर्नाटक  राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं ।

तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित
तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित

प्रांजल के पिता विनोद कर्नाटक आईटीआई, ढोकाने, नैनीताल में कार्यदेशक के पद पर कार्यरत है जबकि उनकी मां विद्या कर्नाटक एक शिक्षिका है। देव भूमि को प्रदेश की ऐसी प्रतिभावान बेटियों पर गर्व है।

हम प्रांजल के उज्जवल भविष्य के कमाना करते और और उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं  देते हैं।

 

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