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अब हरिद्वार दर्शन होगा सुकून व् रोमांच भरा , 2024 तक बनेगा देश का पहला पॉड कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम

हरिद्वार में प्रमुख धार्मिक स्थानों के दर्शन तो सभी  ने किये होंगे । परन्तु 2024 के बाद से से हरिद्वार दर्शन में एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है । हरिद्वार में देश की पहली पहली पर्सनल रैपिड ट्रांजिट यानी पॉड कार पर  काम शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना तहत हरिद्वार के सभी पौराणिक स्थलों व् मंदिरों और देव स्थलों को एलिवेटेड स्टील ट्रैक के  से जोड़ा जाएगा, जिस के ऊपर  पॉड कार का सञ्चालन किया जाएगा। 

क्या है पॉड कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम

पॉड कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम एक लोकल ट्रांपोर्ट सिस्टम है जिसमे  छोटी  छोटी इलेक्ट्रिक कार पहले से बांये हुए ट्रैक पर चलायी जाती हैं । इस कार  एक बार में 4 से 6 सवारियां सफर कर सकती हैं। शुरुआत में 20 कारें इस सिस्टम में शामिल की जाएंगी।

अब हरिद्वार दर्शन होगा सुकून व् रोमांच भरा , 2024 तक बनेगा देश का पहला पॉड कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम

पॉड कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम का रोड मैप 

मेट्रो कॉर्पोरेशन के द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट में लगभग 1,685 करोड़ का खर्च आएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत हरिद्वार में तकरीबन 20 किलोमीटर लंबा यह ट्रांजिट सिस्टम बनाया जायगा ।  इसमें कुल  21 स्टेशन बनाए जाएंगे ।

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इस ट्रांसपोर्ट सिस्टम में  ज्वालापुर से लेकर शांतिकुंज में मौजूद भारत माता मंदिर तक तक का रुट कवर किया जायगा । जिसमे  हरकी पैड़ी, दक्ष मंदिर सहित हरिद्वार के सभी पौराणिक स्थलों को जोड़ दिया गया है।

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हरिद्वार में देश की पहली पहली पर्सनल रैपिड ट्रांजिट यानी पॉड कार से यहाँ के पर्यटन को बहुत अधिक  लाभ  मिलेगा और इकोनामी भी बूस्ट होगी।

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